कामडारा में हाथियों के झुंड की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत, वन विभाग ने सतर्कता बरतने को कहा

गुमला के कामडारा प्रखंड में हाथियों के झुंड की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। वन विभाग ने परिवार को एक लाख रुपये की तत्काल सहायता दी और लोगों से झुंड से दूरी बनाए रखने की अपील की।

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गुमला के कामडारा क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के बीच सतर्कता की अपील

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड में जंगली हाथियों के झुंड की चपेट में आने से करीब 40 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। घटना सरिता पंचायत के बुरुहातु गांव के पास फटका सोकरा टांड़ में बीती रात हुई। मृतक की पहचान बुरुहातु निवासी निकोलस तोपनो के रूप में हुई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निकोलस तोपनो फटका सोकरा टांड़ के पास हाथियों के झुंड के संपर्क में आ गए थे। इसी दौरान एक हाथी ने उन्हें कुचल दिया और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में भय के साथ सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

क्षेत्र में पिछले करीब दस दिनों से 24 जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है। बताया गया है कि इस झुंड में पांच बच्चे भी हैं। लगातार मौजूदगी के कारण स्थानीय लोगों को हाथियों के आवागमन के दौरान किसी और अप्रिय घटना की आशंका सता रही है।

सूचना मिलने के बाद वनपाल शेखर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। वन विभाग ने लोगों से हाथियों के झुंड के पास नहीं जाने, उन्हें छेड़ने से बचने और उनके आने-जाने वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

वन विभाग की ओर से मृतक की पत्नी मेरी तोपनो को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता दी गई। इसमें 20 हजार रुपये नकद और 80 हजार रुपये का चेक शामिल है। यह राशि प्रखंड प्रमुख सुनील सुरीन, मुखिया वीरेंद्र सुरीन और ग्रामीणों की मौजूदगी में सौंपी गई।

वनपाल ने ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को देने को कहा है। करीब दस दिनों से झुंड के क्षेत्र में बने रहने और अब एक व्यक्ति की मौत के बाद निगरानी तथा लोगों को बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बढ़ गई है। ग्रामीणों को फिलहाल विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।