पलामू के 263 गांवों में नल-जल कनेक्शन पर शुल्क की तैयारी, ग्रामसभा की मंजूरी जरूरी

हर घर नल-जल योजना के रखरखाव के लिए प्रति कनेक्शन न्यूनतम 62 रुपये लेने की तैयारी है। शुल्क लागू करने से पहले संबंधित ग्रामसभा की मंजूरी आवश्यक होगी।

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पलामू में नल-जल योजना के कनेक्शन और रखरखाव शुल्क से संबंधित सांकेतिक दृश्य

पलामू जिले के 263 गांवों में हर घर नल-जल योजना के कनेक्शन पर शुल्क वसूलने की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने प्रति कनेक्शन न्यूनतम 62 रुपये की राशि तय की है। हालांकि, किसी गांव में इसकी वसूली शुरू करने के लिए संबंधित ग्रामसभा की मंजूरी जरूरी होगी।

ग्रामसभा को निर्धारित शुल्क बढ़ाने का अधिकार होगा, लेकिन राशि 62 रुपये से कम नहीं रखी जा सकेगी। चैनपुर प्रखंड की भड़गांवा पंचायत में 14 अक्टूबर को हुई ग्रामसभा में शुल्क वसूली के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बाद पंचायत में आगे की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।

शुल्क से मिलने वाली रकम ग्राम जल समिति के खाते में जमा की जाएगी। इसका इस्तेमाल नल-जल योजना के संचालन, रखरखाव और मरम्मत में किया जाना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य जलापूर्ति से जुड़ी संरचनाओं को चालू रखने के लिए स्थानीय स्तर पर धन उपलब्ध कराना बताया गया है।

योजना के तहत शुरुआती पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदक के पास रहती है। यह अवधि पूरी होने के बाद मरम्मत और नियमित संचालन के लिए अलग राशि उपलब्ध नहीं होने की समस्या सामने आती है। विभाग ने इसी जरूरत को देखते हुए उपभोक्ताओं की भागीदारी से रखरखाव खर्च जुटाने की पहल की है।

विभागीय जानकारी के मुताबिक, पलामू के इन 263 गांवों में नल-जल योजना स्थापित हुए पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसलिए यहां ग्रामसभाओं के माध्यम से शुल्क संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। अभियान का दायरा बढ़ने पर जिले के अन्य गांवों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता जेसन होरो के अनुसार, पांच वर्ष बाद योजना को सुचारु रखने के लिए रखरखाव राशि की व्यवस्था जरूरी है। विभाग ग्रामीणों को योजना के संचालन में उनकी भागीदारी के बारे में समझाने की बात कह रहा है। फिलहाल शुल्क का वास्तविक क्रियान्वयन प्रत्येक गांव की ग्रामसभा के निर्णय पर निर्भर करेगा।