काली सूची वाली 14 कंपनियों को दोबारा कार्यादेश देने की जांच, सभी उपायुक्तों से मांगी रिपोर्ट

कृषि निदेशालय ने भाकपा की शिकायत के बाद सभी जिलों के उपायुक्तों को जांच सौंपी है। निदेशक के मुताबिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
रांची में कृषि निदेशालय से संबंधित जांच की प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची में कृषि निदेशालय ने काली सूची में शामिल की गई 14 कंपनियों को दोबारा कार्यादेश दिए जाने के मामले की जांच शुरू कराई है। कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव और राज्य कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार सिंह की शिकायत के बाद उठाया गया है। सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के उप आयुक्त योगेश ए. रौंडल को पत्र भेजकर कंपनियों को फिर से काम दिए जाने की जानकारी दी थी। शिकायत में पूरे मामले की सीआईटी से जांच कराने की मांग भी की गई है।

शिकायत के अनुसार, कृषि निदेशालय ने वर्ष 2023 में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में 14 कंपनियों को काली सूची में डाला था। बाद में उन्हें 30 दिनों के भीतर एक तार्किक आदेश के जरिए इस सूची से मुक्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनियों ने उस आदेश में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया।

आदेश की एक शर्त किसानों के यहां लगे कम गुणवत्ता वाले उपकरणों के बैच बदलने से जुड़ी थी। इसके बाद उपकरणों की दोबारा सीपेट से जांच कराकर उसकी रिपोर्ट कृषि निदेशक, रांची को सौंपनी थी। शिकायत में दावा किया गया है कि यह जांच अब तक पूरी नहीं हुई। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब उपायुक्तों की रिपोर्ट से होनी है।

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि शर्तें पूरी नहीं होने की स्थिति में संबंधित कंपनियों को काली सूची में ही माना जाना था। इसके बावजूद उन्हें नए कार्यादेश मिले और भुगतान भी किया गया। ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और निदेशालय ने किसी कंपनी या अधिकारी की जिम्मेदारी तय होने की घोषणा नहीं की है।

जांच की जिम्मेदारी सभी जिलों के उपायुक्तों को दिए जाने से संबंधित कार्यादेशों, उपकरणों की जांच और भुगतान से जुड़े तथ्यों की जिला स्तर पर पड़ताल होगी। कृषि निदेशक के अनुसार, उपायुक्तों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।