पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में स्थित किरीबुरू और मेघाहातुबुरु की पहाड़ियां घने कोहरे से ढक गई हैं। सफेद धुंध के कारण कुछ स्थानों पर दृश्यता करीब दस मीटर तक सिमट गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह से दिन के काफी समय तक पहाड़ियां और शहर कोहरे में छिपे नजर आ रहे हैं।
कम दृश्यता का सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ा है। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्र की घुमावदार सड़कों पर सामने का रास्ता स्पष्ट नहीं दिखने के कारण चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
किरीबुरू और मेघाहातुबुरु में पिछले कई दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश रुकने के बाद भी वातावरण में अधिक नमी बनी हुई है और कोहरा जल्दी नहीं छंट रहा। इसके चलते स्थानीय लोगों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
लगातार बादल और धुंध के कारण कई दिनों से पर्याप्त धूप नहीं निकल सकी है। घरों में कपड़े सुखाने जैसे सामान्य काम भी मुश्किल हो गए हैं। लंबे समय तक छाई रहने वाली धुंध ने ऊंचाई पर बसे इन दोनों इलाकों के मौसम को आसपास के निचले क्षेत्रों से अलग बना दिया है।
किरीबुरू की पहाड़ी से करीब पांच किलोमीटर नीचे उतरने पर मौसम में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। पहाड़ी हिस्से में घना कोहरा बना हुआ है, जबकि नीचे के क्षेत्रों में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य है और धूप तथा बादलों का क्रम चल रहा है।
बारिश, बादल, पहाड़ और घने जंगल के बीच छाया कोहरा क्षेत्र को अलग प्राकृतिक स्वरूप दे रहा है, लेकिन सीमित दृश्यता के कारण यात्रा में सतर्कता जरूरी है। खासकर पहाड़ी मोड़ों और ढलान वाली सड़कों पर वाहन चलाने वालों के लिए धीमी गति बनाए रखना महत्वपूर्ण है।