रामगढ़ में 300 से अधिक बाल विवाह रोकने का दावा, अंतरराष्ट्रीय दिवस के प्रस्ताव का स्वागत

बाल विवाह के खिलाफ काम कर रही संस्था अग्रगति ने रामगढ़ में कानूनी हस्तक्षेप से 300 से अधिक विवाह रुकवाने का दावा किया और संयुक्त राष्ट्र के फैसले को अभियान की वैश्विक पहचान बताया।

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रामगढ़ में बाल विवाह विरोधी अभियान से जुड़े सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि

रामगढ़ में बाल विवाह रोकने के लिए काम कर रही सामाजिक संस्था अग्रगति ने जिले में अब तक 300 से अधिक बाल विवाह रुकवाने का दावा किया है। संस्था के अनुसार, ये हस्तक्षेप सरकार और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किए गए। उसने बाल विवाह, कम उम्र में विवाह और जबरन शादी की समाप्ति के लिए 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने संबंधी प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी का भी स्वागत किया है।

अग्रगति ने इस फैसले को भारत में चल रहे बाल विवाह विरोधी अभियान और उससे जुड़े नागरिक संगठनों के प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय पहचान बताया। संस्था जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क की सहयोगी है। उसके निदेशक किरण शंकर दत्त के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र का कदम भारत से उठी इस मुहिम के वैश्विक संकल्प में बदलने का संकेत देता है।

संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से 27 नवंबर 2024 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू किया था। इसी व्यापक पहल के तहत रामगढ़ में भी जागरूकता और कानूनी हस्तक्षेप के जरिए कम उम्र में होने वाली शादियां रोकने का काम किया जा रहा है।

ऐसे ही एक मामले में रामगढ़ पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्र के एक परिवार को समझाया था कि 15 वर्ष की लड़की की शादी कराना कानून के विरुद्ध है। परिवार को कम उम्र में विवाह से लड़की के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी भी दी गई। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद परिवार ने विवाह का रिश्ता समाप्त कर दिया।

अग्रगति का कहना है कि इसी तरह के कई हस्तक्षेपों के कारण जिले में 300 से अधिक बाल विवाह रोके जा सके। उपलब्ध विवरण में इन मामलों की अवधि या प्रखंडवार संख्या नहीं दी गई है। हालांकि संस्था के दावे से यह सामने आता है कि रामगढ़ में प्रशासनिक सहयोग, कानूनी जानकारी और परिवारों से संवाद को अभियान के प्रमुख माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर संस्था की प्रतिक्रिया स्थानीय प्रयासों को व्यापक बाल अधिकार अभियान से जोड़ती है। रामगढ़ में बताए गए हस्तक्षेप यह भी रेखांकित करते हैं कि बाल विवाह रोकने के लिए समय पर सूचना, परिवारों को कानून की जानकारी और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।