धनबाद जिले के जोगता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह अचानक हुए भू-धंसान की चपेट में आकर कई घर जमींदोज हो गए। घटना सिजुआ काली मंदिर के पास की बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रभावित मकानों और परिवारों की कुल संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन धंसने पर कुछ लोग मलबे में फंस गए थे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया और दबे लोगों को बाहर निकाला। घटना में करीब छह से सात लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों की स्थिति और उपचार से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो भी घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। विधायक के अनुसार, हादसे में एक बच्ची की मौत की सूचना मिली है। हालांकि उपलब्ध विवरण में प्रशासन या किसी चिकित्सा संस्थान की ओर से मृत्यु की औपचारिक पुष्टि का उल्लेख नहीं है। ऐसे में मौत से जुड़ी सूचना की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
घटना से नाराज लोगों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित आवास और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ठोस व्यवस्था होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सड़क जाम से मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी रही।
स्थानीय निवासियों ने भू-धंसान के पीछे क्षेत्र में पूर्व में हुए कथित अवैध कोयला खनन को कारण बताया है। विधायक ने भी जमीन कमजोर होने के लिए पुरानी अवैध खनन गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया। ये फिलहाल स्थानीय लोगों और विधायक के आरोप हैं; उपलब्ध जानकारी में हादसे के तकनीकी कारण पर किसी सक्षम एजेंसी की जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। भू-धंसान के बाद आसपास के निवासियों में भय का माहौल है। कितने मकान पूरी तरह गिरे, कुल कितने लोग प्रभावित हुए और राहत की क्या व्यवस्था की गई, इन बिंदुओं पर प्रशासनिक विवरण की प्रतीक्षा है।