सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में 436.93 एकड़ जमीन पर नया औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी की जा रही है। यह जमीन टाटा पावर ने प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहित की थी, लेकिन वहां संयंत्र स्थापित नहीं हो सका। अब जमीन के औद्योगिक उपयोग की संभावना पर आगे की प्रक्रिया शुरू हुई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने इस भूमि पर 1960 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई थी। वर्ष 2012 से अधिग्रहित जमीन पर परियोजना आगे नहीं बढ़ने के बाद कंपनी प्रबंधन ने झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार को पत्र भेजकर जमीन सौंपने की इच्छा जताई।
इसके बाद प्राधिकार ने जमीन के भौतिक सत्यापन के लिए एक टीम गठित की। क्षेत्रीय कार्यालय को एक सप्ताह के भीतर सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर रांची स्थित मुख्यालय भेजनी है। रिपोर्ट में जमीन की स्थिति से संबंधित तथ्यों के आधार पर प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाएगा।
क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश रंजन के मुताबिक, प्रस्ताव मुख्यालय भेजे जाने के बाद यह तय किया जाएगा कि 436.93 एकड़ जमीन के बदले कंपनी को किस दर पर भुगतान किया जाना है। भुगतान और भूमि हस्तांतरण से जुड़े निर्णय पूरे होने के बाद ही अगली कार्रवाई संभव होगी।
औद्योगिक पार्क के लिए राज्य सरकार की अनुमति भी आवश्यक होगी। अनुमति मिलने पर विकास कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। अभी पार्क की स्थापना, बुनियादी ढांचे के निर्माण और भूखंडों के आवंटन की कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है। इसलिए परियोजना फिलहाल सत्यापन और प्रस्ताव के स्तर पर है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर नए उद्योगों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए भूखंड उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी। क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के लिहाज से इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन परियोजना की स्पष्ट रूपरेखा जियाडा की रिपोर्ट, भुगतान संबंधी निर्णय और सरकारी स्वीकृति के बाद ही सामने आएगी।