कुचाई के सेगोई गांव में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ जागरूकता बैठक

सेगोई गांव में पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम की अवैध खेती के कानूनी प्रावधान और सामाजिक दुष्परिणाम बताए तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की।

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सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र स्थित सेगोई गांव में अफीम की अवैध खेती रोकने के उद्देश्य से जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों को मादक पदार्थों से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों के कानूनी परिणामों और उनके सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।

इस अभियान का नेतृत्व कुचाई थाना प्रभारी रविंद्र मुंडा ने किया। उन्होंने ग्रामीणों से अफीम की अवैध खेती से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। बैठक का केंद्र किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के बजाय लोगों को कानून से अवगत कराना और ऐसी गतिविधियों की रोकथाम में स्थानीय सहयोग हासिल करना रहा।

थाना प्रभारी ने बैठक में कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती, कारोबार और सेवन के विरुद्ध पुलिस तथा प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया गया कि क्षेत्र में अफीम की गैरकानूनी खेती पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

बैठक में अफीम की खेती के सामाजिक दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। पुलिस ने ग्रामीणों को यह समझाने का प्रयास किया कि मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव स्थानीय समाज पर भी पड़ता है। इसी कारण रोकथाम के अभियान में गांव के लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।

ग्रामीणों से कहा गया कि उनके आसपास कहीं अफीम की खेती होती दिखाई दे या मादक पदार्थों से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उपलब्ध विवरण में किसी खेत की पहचान, फसल नष्ट किए जाने अथवा किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।

सेगोई में हुई यह बैठक फिलहाल जागरूकता और रोकथाम की पहल है। पुलिस की अपील का उद्देश्य समय रहते सूचना जुटाना और ग्रामीणों को अवैध खेती से संबंधित कानूनी जोखिमों के प्रति सतर्क करना है। अभियान के आगे के चरण या किसी कार्रवाई के बारे में उपलब्ध विवरण में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।