गढ़वा जिले के केतार प्रखंड में मंगलवार को न्याय रथ सह चलंत लोक अदालत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से संचालित इस पहल के तहत ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक न्याय संबंधी सेवाओं की जानकारी पहुंचाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत अरविंद कुमार तिवारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका और उसके कार्यों की जानकारी देकर की। उन्होंने बताया कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराना प्राधिकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उपस्थित लोगों को जरूरत पड़ने पर इस व्यवस्था का उपयोग करने के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने की। उन्होंने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के स्तर से चलाए जा रहे कानूनी सहायता कार्यक्रमों की सराहना की। साथ ही ग्रामीणों से अपने अधिकारों को समझने और उनके प्रति सजग रहने की अपील की।
पारा लीगल वॉलंटियर कृष्णानंद दुबे ने बताया कि आर्थिक कमजोरी किसी व्यक्ति के लिए न्याय प्राप्त करने में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराता है। कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि पात्र व्यक्ति विधिक सहयोग पाने के लिए संबंधित व्यवस्था से जुड़ सकते हैं।
इस दौरान अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और चिकित्सा से संबंधित स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि पात्र बच्चों के लिए इस योजना में प्रति माह चार हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। ग्रामीणों को निर्धारित आय सीमा और योजना से जुड़ी अन्य पात्रताओं के बारे में भी समझाया गया।
न्याय रथ और चलंत लोक अदालत के माध्यम से कानूनी सेवाओं की जानकारी प्रखंड स्तर पर लोगों के बीच पहुंचाई गई। आयोजन में अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता प्रावधानों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।