कोडरमा में दो महीने में 100 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, मिलावटी सामग्री नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई-अगस्त में कोडरमा जिले की मिठाई दुकानों, फूड स्टॉल और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की। कई स्थानों पर अखाद्य रंग और मिलावट मिलने के बाद सामग्री नष्ट कराई गई।

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कोडरमा में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करता खाद्य सुरक्षा विभाग

कोडरमा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई और अगस्त के दौरान 100 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई दुकानों और फूड स्टॉल की जांच की। विभाग के अनुसार, अलग-अलग प्रखंडों में चलाए गए अभियान के दौरान मिठाई, हल्दी, छोले और चटनी सहित कई खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी मिली। ऐसी सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों से जुर्माना भी वसूला गया।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि कुछ मिठाइयां कपड़ा रंगने में इस्तेमाल होने वाले अखाद्य रंगों से तैयार की गई थीं। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता बनाए रखने की चेतावनी दी है। साथ ही कहा गया है कि आगे मिलावट मिलने पर संबंधित फूड लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।

डोमचांच बाजार में 30 जुलाई को दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों और स्टॉल की जांच की गई थी। यहां दुकानों से लगभग 10 किलोग्राम रंगीन लड्डू और बर्फी जब्त कर नष्ट कराई गई। एक किराना दुकान में मिली 50 किलोग्राम मिलावटी हल्दी भी मौके पर नष्ट कर दी गई।

इसके बाद सतगावां प्रखंड के पसाडीह बाजार में करीब 20 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। अभियान के दौरान लगभग 10 किलोग्राम ऐसी मिठाई और बर्फी मिली, जिनमें अखाद्य रंग इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। विभाग ने सामग्री नष्ट कराने के साथ विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी।

चंदवारा प्रखंड में तिलैया डैम के पास स्थित बाजार में 20 अगस्त को लगभग 25 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। ठेलों और दुकानों पर बिक रहे छोले, चटनी और हल्दी में अखाद्य रंग पाए जाने पर सामग्री तत्काल नष्ट कराई गई। कोडरमा, मरकच्चो और जयनगर प्रखंडों में भी अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच की गई है।

विभाग ने कार्रवाई के साथ प्रशिक्षण और जागरूकता पर भी ध्यान दिया। इसी क्रम में 13 अगस्त को सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई और मिलावट रोकने के उपाय समझाए गए।