लातेहार के भोकाखाड़ गांव में बुखार के बाद तीन बच्चों की मौत, मेडिकल टीम करेगी जांच

लातेहार सदर प्रखंड के दुर्गम भोकाखाड़ गांव में 20 दिनों के भीतर तीन बच्चों की बुखार के बाद मौत हुई है। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम भेजने की बात कही है।

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लातेहार के भोकाखाड़ गांव में स्वास्थ्य जांच से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर

लातेहार सदर प्रखंड की तरवाडीह पंचायत के भोकाखाड़ गांव में पिछले 20 दिनों के दौरान तीन बच्चों की बुखार के बाद मौत होने से चिंता बढ़ गई है। इनमें से दो बच्चों की मौत बीते एक सप्ताह के भीतर हुई। बच्चों की बीमारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। ग्रामीण अब स्वास्थ्य जांच और मौतों की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों बच्चों को पहले तेज बुखार आया था। इसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका। गांव की फुलमनी भेंगरा, अनुग्रहित खलखो और जूलियानी खलखो ने बच्चों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की जानकारी दी है। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद गांव के परिवारों में बीमारी को लेकर आशंका बनी हुई है।

भोकाखाड़ पहाड़ी पर बसा गांव है और यहां से पक्की सड़क तक पहुंचना भी आसान नहीं है। ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस रास्ते का लगभग तीन किलोमीटर हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर उसे समय से अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

उपलब्ध जानकारी में बच्चों की मौत को किसी खास बीमारी से नहीं जोड़ा गया है। केवल इतना सामने आया है कि उन्हें तेज बुखार हुआ था और बाद में हालत गंभीर हो गई। स्वास्थ्य जांच से पहले बीमारी के कारण के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। गांव में चिकित्सा जांच होने के बाद ही स्थिति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

लातेहार के सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने बताया है कि भोकाखाड़ गांव में मेडिकल टीम भेजी जाएगी। यह टीम गांव के लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी और बच्चों की मौत के कारणों से जुड़ी जानकारी जुटाएगी। फिलहाल जांच के निष्कर्ष या किसी बीमारी की पुष्टि की सूचना उपलब्ध नहीं है।

मेडिकल टीम की प्रस्तावित जांच से गांव में बुखार से प्रभावित अन्य लोगों की स्थिति जानने और बच्चों की मौत से जुड़े तथ्यों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। दुर्गम रास्ते के कारण इलाज तक पहुंचने में आ रही कठिनाई भी इस मामले का अहम पक्ष है। आगे की स्थिति स्वास्थ्य विभाग की जांच और उससे मिलने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।