कोडरमा में नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न मामले में एक और गिरफ्तारी

पुलिस ने पूर्व सिविल सर्जन के एक करीबी को पीड़ित पक्ष को धमकाने और प्रलोभन देकर जांच प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।

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कोडरमा में नाबालिग छात्रा से कथित उत्पीड़न मामले की जांच करती पुलिस

कोडरमा में नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बरही निवासी राज आर्यन उर्फ छोटी कुमार के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह मामले में पहले से जेल में बंद पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार का करीबी है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

राज आर्यन पर पीड़ित पक्ष को धमकाने और प्रलोभन देकर मामले को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों और जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी है।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी को प्रकरण से जुड़ी कितनी जानकारी थी और कथित रूप से जांच को प्रभावित करने के प्रयास में उसकी क्या भूमिका रही। पीड़िता की चिकित्सकीय जांच से इनकार किए जाने के घटनाक्रम में भी उसकी संभावित भूमिका की पड़ताल की गई है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, राज आर्यन पर पूर्व सिविल सर्जन के निर्देश पर कार से छात्रा को लाने और बाद में वापस छोड़ने का भी आरोप है। शुरुआती पूछताछ में उसने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया था। पुलिस ने अभी जांच पूरी होने या सभी आरोप प्रमाणित होने की घोषणा नहीं की है।

इस मामले में नाबालिग छात्रा की शिकायत के आधार पर कोडरमा महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी मां के इलाज के सिलसिले में पूर्व सिविल सर्जन के संपर्क में आई थी। इसके बाद कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया और पुलिस ने जांच शुरू की।

पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार 11 अक्टूबर से जेल में बंद हैं। नई गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं, तकनीकी साक्ष्यों और जांच को कथित रूप से प्रभावित करने के प्रयासों की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक कार्यवाही के आधार पर स्पष्ट होगी।