कोडरमा में पांच लोगों पर जिला बदर की कार्रवाई, तीन माह तक प्रवेश पर रोक

कोडरमा पुलिस के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत पांच लोगों को तीन महीने के लिए जिला बदर किया गया है। आदेश तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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कोडरमा में अपराध नियंत्रण कार्रवाई की जानकारी देती पुलिस की सांकेतिक तस्वीर

कोडरमा जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पांच लोगों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, उपायुक्त के निर्देश के आलोक में यह कदम झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 की धारा 3 के तहत उठाया गया। संबंधित लोगों को तीन महीने तक जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि जिला बदर की अवधि में इन लोगों के कोडरमा जिले में प्रवेश करने पर रोक रहेगी। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश में शामिल लोग कोडरमा, छोटकीबागी, लोचनपुर, झुमरीतिलैया और तिलैया क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।

इस कार्रवाई में शामिल एक व्यक्ति के लिए जिला बदर की अवधि 19 सितंबर 2026 से तीन महीने निर्धारित की गई है। शेष लोगों पर भी तीन माह की पाबंदी लगाई गई है। पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी है कि सभी आदेशों की अवधि एक ही तारीख से शुरू हुई है या अलग-अलग तारीखों से प्रभावी मानी जाएगी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मोरियामा कुरहा निवासी एक अन्य व्यक्ति पर एक महीने के लिए लगाई गई अपराध नियंत्रण अधिनियम की पाबंदी अब समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा कुछ अन्य चिह्नित लोगों को तीन महीने तक नियमित रूप से संबंधित थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उनकी संख्या और हाजिरी की समय-सारणी का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों और भू-माफिया के रूप में चिह्नित लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस निगरानी के आधार पर आगे भी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जिला बदर प्रशासनिक स्तर पर अपराध नियंत्रण के लिए अपनाया गया प्रतिबंधात्मक कदम है। मौजूदा आदेश के तहत मुख्य पाबंदी जिले की सीमा में प्रवेश से जुड़ी है। पुलिस ने संबंधित थानों को निगरानी रखने और आदेश के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने की बात कही है।