खूंटी के आरसी बालक मध्य विद्यालय (मिखाईल) के प्रधानाचार्य फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले और विद्यालय के कार्यालय में चोरी के मामले में विशेष जांच दल ने तीन किशोरों को निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों इसी विद्यालय के पूर्व छात्र हैं। मामला 20 अक्टूबर की रात हुई घटना से जुड़ा है।
पुलिस का कहना है कि उस रात प्रधानाचार्य पर धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान उनके कार्यालय से नकदी और मोबाइल फोन भी चोरी हुए थे। मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने आठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी थी।
जांच दल में अभियान सहायक पुलिस अधीक्षक क्रिस्टोफर केरकेट्टा, पुलिस उपाधीक्षक मंगल सिंह जामुदा और खूंटी थाना प्रभारी बाबू बंसी साव सहित विभिन्न थानों के अधिकारी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले में तीन किशोरों की संलिप्तता की पहचान की और इसके बाद उन्हें निरुद्ध किया।
पुलिस ने दावा किया है कि किशोरों की निशानदेही पर प्रधानाचार्य के कार्यालय से चोरी किए गए 85,747 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त घटना के समय पहने गए कपड़े तथा वारदात में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री भी मिलने की बात कही गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
घायल प्रधानाचार्य को शुरुआती उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए रांची भेजा गया था। उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, उनका रक्तचाप और रक्त शर्करा स्तर अब सामान्य है। आवश्यक जांच पूरी की जा चुकी हैं और घावों के मूल्यांकन के आधार पर उपचार की अगली प्रक्रिया निर्धारित की जानी है।
फादर बिसु ने फादर बेनेडिक्ट बारला के खतरे से बाहर होने की पुष्टि की है। हमले के बाद स्थानीय मसीही समुदाय ने विरोध जताया था और कार्रवाई की मांग को लेकर खूंटी जिला मुख्यालय में मौन जुलूस भी निकाला गया। पुलिस की ओर से हुई कार्रवाई के बाद अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर रहेगी।