कोडरमा बाजार और जयनगर मोड़ के खाद्य प्रतिष्ठानों में मंगलवार को जांच अभियान चलाया गया। उपायुक्त के आदेश पर पहुंची टीम ने ढाबों, किराना दुकानों और ठेला-खोमचा पर बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता देखी। अभियान के दौरान कुल 22 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
जांच में कुछ स्थानों पर जलेबी, लड्डू और छोले तैयार करने में अखाद्य रंग के इस्तेमाल का मामला सामने आया। टीम ने ऐसी खाद्य सामग्री को बिक्री से हटवाते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया। उपलब्ध विवरण में प्रभावित प्रतिष्ठानों या नष्ट की गई सामग्री की मात्रा नहीं बताई गई है।
अभियान के दौरान तंबाकू उत्पादों की बिक्री की भी पड़ताल की गई। तीन दुकानों पर खुली सिगरेट और गुटखा बिकता मिला। इन दुकानों से कुल 900 रुपये जुर्माना वसूला गया और संचालकों को कोटपा कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई।
दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री न करें। उनसे दुकानों पर निर्धारित चेतावनी पोस्टर प्रदर्शित करने के लिए भी कहा गया। टीम ने स्पष्ट किया कि खुली सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बेचना संबंधित कानून का उल्लंघन है।
जांच दल में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद और उमेश कुमार के साथ जिला तंबाकू परामर्शी दीपेश कुमार शामिल थे। कोडरमा थाना के आरक्षी प्रमोद ओझा और जमील अहमद समेत अन्य कर्मियों ने भी अभियान में भाग लिया।
इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और तंबाकू बिक्री से जुड़े नियमों की एक साथ जांच की गई। प्रतिष्ठान संचालकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने, प्रतिबंधित दायरे में तंबाकू उत्पाद नहीं रखने और वैधानिक चेतावनी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।