कोल्हान में रोज चार से पांच घंटे बिजली कटौती, 8.5 लाख उपभोक्ता प्रभावित

कोल्हान के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लंबे पावर कट से पानी की आपूर्ति, छोटे कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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जमशेदपुर समेत कोल्हान के विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति की अनियमितता से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के करीब 8.5 लाख उपभोक्ताओं को रोजाना चार से पांच घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट आने के बाद भी आपूर्ति की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखने की बात कही गई है।

बिजली कटने का असर घरों की सामान्य दिनचर्या के साथ आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में मोटर नहीं चल पाने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है और लोगों को पानी की कमी झेलनी पड़ रही है। लगातार या लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से छोटे कारोबारियों और दुकानदारों का काम भी प्रभावित हो रहा है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी कटौती का असर पड़ने की सूचना है। ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या अधिक चुनौतीपूर्ण बताई गई है, जहां खराबी आने के बाद बिजली बहाल होने में लंबा समय लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में भी नियमित आपूर्ति नहीं मिलने से उपभोक्ता व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

झारखंड बिजली वितरण निगम के वर्ष 2026-27 के टैरिफ दस्तावेज में मरम्मत और रखरखाव के लिए 524.16 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद बार-बार फॉल्ट और लंबे पावर कट के कारण रखरखाव की प्रभावशीलता को लेकर उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं। यह राशि अनुमानित है, इसे वास्तविक खर्च के रूप में नहीं बताया गया है।

उपभोक्ताओं ने ट्रांसफॉर्मर, फीडर और बिजली के तारों का नियमित निरीक्षण करने की जरूरत बताई है। इसके साथ ही बारिश से पहले किए गए रखरखाव तथा खराबी आने के बाद आपूर्ति बहाल करने में लगने वाले समय की समीक्षा की मांग भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि उन्हें स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति चाहिए।

निगम के महाप्रबंधक अजीत कुमार के अनुसार, बिजली आपूर्ति पहले से बेहतर हुई है और सुधार की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आने वाले समय में बिना कटौती वाली आपूर्ति संभव होने की उम्मीद जताई है। फिलहाल उपभोक्ताओं की मुख्य चिंता नियमित बिजली, समय पर फॉल्ट सुधार और प्रभावित इलाकों में आपूर्ति शीघ्र बहाल करने को लेकर है।