साहिबगंज के उपायुक्त दीपक दुबे के आवास परिसर में बैंडेड करैत सांप दिखाई देने के बाद कुछ समय के लिए हलचल मच गई। इसकी सूचना मिलने पर सर्प मित्र जितेंद्र हजारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानी के साथ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया।
जितेंद्र हजारी के अनुसार, साहिबगंज में उन्होंने अब तक हजारों सांपों का रेस्क्यू किया है। इनमें रसेल वाइपर, कोबरा और अजगर समेत कई प्रजातियों के सांप शामिल रहे हैं। हालांकि, बैंडेड करैत का रेस्क्यू करने का यह उनका पहला अनुभव था।
उन्होंने बताया कि बैंडेड करैत सामान्यतः शांत स्वभाव का सांप होता है। यह प्रजाति अधिकतर रात के समय बाहर निकलती है और रोशनी होने पर किसी सुरक्षित स्थान की ओर चली जाती है। उपायुक्त आवास परिसर में भी सांप मिलने के बाद उसे पकड़ने के लिए प्रशिक्षित सर्प मित्र की सहायता ली गई।
सर्प मित्र के मुताबिक, बैंडेड करैत आम तौर पर काटने से बचता है और परेशान किए जाने की स्थिति में ही काट सकता है। उन्होंने इसके व्यवहार की तुलना कॉमन करैत से करते हुए बताया कि दोनों के स्वभाव में अंतर होता है। रेस्क्यू के दौरान पूरी सावधानी बरती गई और सांप को नुकसान पहुंचाए बिना परिसर से निकाला गया।
आवासीय परिसर में बैंडेड करैत की मौजूदगी और उसका सुरक्षित रेस्क्यू स्थानीय स्तर पर उल्लेखनीय घटना रही। सांप को मारने के बजाय प्रशिक्षित व्यक्ति की मदद से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई। इस अभियान में जितेंद्र हजारी के पूर्व अनुभव का उपयोग हुआ और रेस्क्यू सफलतापूर्वक पूरा किया गया।