कोल्हान विश्वविद्यालय की सिंडिकेट ने विश्वविद्यालय और उसके अंगीभूत महाविद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है। कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में शैक्षणिक व्यवस्था और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सिंडिकेट ने अकादमिक काउंसिल की पिछली बैठक के निर्णयों पर भी सहमति जताई।
स्वीकृत व्यवस्था के तहत अतिथि शिक्षकों का मानदेय उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तीन श्रेणियों में निर्धारित किया गया है। स्नातकोत्तर परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। स्नातकोत्तर टॉपर के लिए 15 हजार रुपये और नेट तथा जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 18 हजार रुपये मासिक मानदेय तय किया गया है।
नियुक्तियां महाविद्यालयों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर की जाएंगी। अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान संबंधित कॉलेज के ए-अकाउंट से होगा। पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षकों की कमी कम करना और कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करना है।
सिंडिकेट ने शिक्षकों और कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। यह निर्णय एक जनवरी 2024 के बाद सेवानिवृत्त हुए या होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर लागू होगा।
वोकेशनल पाठ्यक्रमों के शिक्षकों के मानदेय भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव मंजूर किया गया है। अब विभिन्न महाविद्यालयों को 11 महीने की मानदेय राशि एकमुश्त आवंटित की जाएगी। उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा होने के बाद अगले 11 महीने की राशि जारी करने की व्यवस्था रहेगी।
बैठक में लंबे समय से लंबित कर्मचारी पदोन्नति परीक्षा के परिणामों को भी अनुमोदन मिला। परिणाम जारी होने के बाद सफल कर्मचारियों को कार्यालय अधीक्षक, अकाउंटेंट और लिपिक के पदों पर पदोन्नत किया जाएगा। दोहरा कार्य संभालने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि देने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा जेपीएससी की अनुशंसा के आधार पर ओडिया विभाग के हरिहर प्रधान को रीडर पद पर पदोन्नति दी गई, जबकि डॉ. पी. सियाल और डॉ. एस.एन. ठाकुर को लेक्चरर पद पर पदोन्नत किया गया।