चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित कौलेश्वरी पहाड़ पर प्रस्तावित रोपवे के निर्माण से पहले मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को पहाड़ के पास बोरिंग मशीन लगाकर नमूने जुटाने का काम आरंभ किया गया। यह जांच परियोजना की शुरुआती तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञ एजेंसी बोरिंग के जरिए अलग-अलग गहराई से मिट्टी निकाल रही है। इन नमूनों की तकनीकी जांच कर जमीन की मजबूती, भार सहने की क्षमता और भूमिगत संरचना का आकलन किया जाएगा। रोपवे जैसी संरचना खड़ी करने से पहले इन पहलुओं का परीक्षण जरूरी माना जाता है।
जांच से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित रोपवे के पिलर और स्टेशन की डिजाइन तय की जाएगी। इसका उद्देश्य निर्माण की योजना को स्थानीय भू-स्थिति के अनुरूप बनाना है, ताकि आगे तैयार होने वाली संरचना सुरक्षित और टिकाऊ हो सके। फिलहाल परियोजना के निर्माण या उसके पूरा होने की कोई समयसीमा सामने नहीं आई है।
कौलेश्वरी पहाड़ धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का भी प्रमुख स्थानीय केंद्र है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऊंची पहाड़ी पर चढ़ने के दौरान विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कठिनाई होने की बात कही जाती रही है। प्रस्तावित रोपवे से उनकी यात्रा आसान होने की उम्मीद है।
मिट्टी जांच शुरू होने से स्थानीय लोगों में परियोजना आगे बढ़ने की आशा जगी है। उनका मानना है कि रोपवे बनने पर हंटरगंज और चतरा की पर्यटन पहचान को विस्तार मिल सकता है। इससे आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी स्थानीय स्तर पर जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। हालांकि अगला कदम जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर तैयार होने वाली डिजाइन पर निर्भर करेगा। मौजूदा गतिविधि को रोपवे निर्माण से पहले स्थल की उपयुक्तता समझने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।