रांची में मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत सात चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को ट्रैक्टर और कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। जिला भूमि संरक्षण कार्यालय ने शनिवार को जेएएमटीटीसी परिसर में वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य किसानों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक कृषि संसाधनों से जोड़ना है।
कार्यक्रम में भूमि संरक्षण विभाग के उप निदेशक अशोक सम्राट ने लाभार्थी समूहों को ट्रैक्टर एवं दूसरे कृषि उपकरणों की चाबियां सौंपीं। विभाग के मुताबिक, ये संसाधन समूहों को खेती से जुड़े कार्य अधिक सुविधाजनक ढंग से करने में मदद करेंगे।
महिला स्वयं सहायता समूह इन उपकरणों का उपयोग खेतों की जुताई, बुआई और अन्य कृषि गतिविधियों में कर सकेंगे। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से इन कार्यों में लगने वाले समय और श्रम को कम करने तथा जरूरी काम समय पर पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अशोक सम्राट ने कहा कि ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्र किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार, कृषि उपकरणों का इस्तेमाल खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
योजना के तहत महिला समूहों को संसाधन मिलने से कृषि कार्यों में उनकी आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा। विभाग ने योजना का उद्देश्य खेती में परंपरागत तरीकों पर निर्भरता घटाना और कृषि कार्यों की लागत तथा श्रम का बोझ कम करना बताया है।
यह कार्यक्रम अशोक सम्राट की सेवा का अंतिम दिन भी था। वह 35 साल 11 महीने की सेवा पूरी करने के बाद 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए। ट्रैक्टर वितरण के बाद हेहल स्थित भूमि संरक्षण कार्यालय में उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया।
विदाई के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल तथा योगदान को याद किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सम्राट ने बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में भूमि संरक्षण विभाग के अलग-अलग पदों पर काम किया था और विभाग के निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली थी।