खनिज सेस विवाद पर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, कैबिनेट में होगा फैसला

खनिज सेस से जुड़े केंद्रीय संशोधन के विरोध में झारखंड सरकार नवंबर के पहले सप्ताह में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इसकी तारीख पर निर्णय हो सकता है।

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रांची स्थित झारखंड विधानसभा भवन का दृश्य

रांची में झारखंड सरकार खनिज पर सेस वसूलने के अधिकार से जुड़े विवाद को विधानसभा में ले जाने की तैयारी कर रही है। नवंबर के पहले सप्ताह में विशेष सत्र बुलाने की संभावना है। इस संबंध में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में निर्णय और संभावित तारीख तय की जा सकती है।

विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को पहले कैबिनेट की स्वीकृति की आवश्यकता होगी। इसके बाद संबंधित प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर ही सत्र आयोजित किया जा सकेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह विशेष सत्र दो दिनों का हो सकता है, हालांकि इसकी अवधि और तारीख अभी अंतिम नहीं हुई है।

राज्य सरकार हाल में लागू खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम का विरोध कर रही है। सरकार का दावा है कि संशोधित व्यवस्था से खनिज पर सेस लगाने का राज्य का अधिकार समाप्त हो गया है। इसी मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराने और विरोध का प्रस्ताव पारित करने की रणनीति बनाई गई है।

योजना के अनुसार, विधानसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। राज्य सरकार इस विषय को जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों से भी जोड़ रही है। सरकार का कहना है कि खनिज से मिलने वाले सेस का संबंध राज्य की योजनाओं के वित्तपोषण से है।

सरकार ने आशंका जताई है कि सेस से होने वाली आय प्रभावित होने पर मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना समेत कई योजनाओं पर असर पड़ सकता है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, संशोधित केंद्रीय अधिनियम लागू होने के बाद भी राज्य सरकार सेस की वसूली कर रही है और अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाने का दावा किया गया है।

विशेष सत्र की तारीख तय होने तक पूरी प्रक्रिया प्रस्तावित मानी जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी और उसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति इस प्रक्रिया के आवश्यक चरण हैं। इन औपचारिकताओं के पूरा होने पर ही विधानसभा में केंद्रीय संशोधन, राज्य के अधिकार और योजनाओं पर संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा का रास्ता साफ होगा।