रांची के सुकुरहुट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में भाजपा की झारखंड प्रदेश कार्यसमिति ने बैठक के दूसरे और अंतिम दिन राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने आदिवासी अधिकार, भ्रष्टाचार और जनसंख्या बदलाव सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रदेशभर में जनजागरण तथा आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। आंदोलन के कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन और मधु कोड़ा के साथ विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी तथा मंजू कुमारी ने इसका अनुमोदन किया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की। प्रस्ताव को कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
प्रस्ताव में भाजपा ने झामुमो गठबंधन सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर आरोप लगाए। पार्टी ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक जवाबदेही के विषय भी उठाए। ये सभी आरोप और आकलन भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव तथा बैठक में नेताओं के वक्तव्यों का हिस्सा हैं।
मरांडी ने पंचायत चुनाव कराने और पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने की मांग रखी। उन्होंने बदलती जनसंख्या संरचना को आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से इन विषयों पर लोगों के बीच जाने तथा विरोध कार्यक्रम चलाने का आह्वान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने पेंशन, प्राथमिक विद्यालयों, अबुआ आवास और हरा राशन कार्ड से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने संताल परगना में आदिवासी जमीन पर कब्जे का दावा भी किया। बैठक में दिए गए इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र सरकारी आंकड़े या सरकार का पक्ष उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।
कार्यसमिति ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही पार्टी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में विकसित झारखंड की भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही। बैठक के बाद अब प्रस्तावित राज्यव्यापी कार्यक्रम की तारीखों और स्वरूप की घोषणा का इंतजार है।