रांची में आयोजित झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में रविवार को दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें पहला प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कुल 25 वर्षों के कार्यकाल पर केंद्रित रहा। दूसरा प्रस्ताव राज्य की झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा की राजनीतिक रणनीति से जुड़ा है।
बैठक के चौथे सत्र के बाद विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. नीरा यादव ने प्रस्तावों की जानकारी दी। उनके अनुसार, कार्यसमिति ने नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में लिए गए अनुच्छेद 370, तीन तलाक, ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े निर्णयों की सराहना की। बैठक में स्वदेशी रक्षा उत्पादों को प्रोत्साहन देने का भी उल्लेख किया गया।
कार्यसमिति में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना को भी पहले प्रस्ताव में शामिल किया गया। नीरा यादव ने कहा कि बैठक के दौरान पार्टी को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का मार्गदर्शन मिला।
दूसरे प्रस्ताव में भाजपा ने झारखंड की गठबंधन सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान की रूपरेखा रखी। पार्टी ने सरकार की कथित विफलताओं को जनता के बीच ले जाने और सड़क से सदन तक जनहित के मुद्दे उठाने का संकल्प व्यक्त किया। ये राज्य सरकार के कामकाज को लेकर विपक्षी दल के आरोप हैं।
नीरा यादव ने रोजगार, सरकारी कामकाज और अंचल कार्यालयों की व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध तथा राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भी पार्टी का पक्ष रखा। इन दावों के समर्थन में बैठक की जानकारी में कोई स्वतंत्र आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया है।
प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक से भाजपा ने केंद्र सरकार के कामकाज की प्रशंसा के साथ झारखंड में अपनी विपक्षी भूमिका को प्रमुखता देने का संकेत दिया है। पारित प्रस्तावों के अनुसार पार्टी अब राज्य सरकार से जुड़े मुद्दों को संगठनात्मक और विधायी, दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी करेगी।