सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित चांदनी चौक पर हेलमेट जांच के दौरान एक युवक से कथित मारपीट के विरोध में शनिवार शाम विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की जांच और आरोपों के दायरे में आए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस शनिवार सुबह करीब 11 बजे चांदनी चौक पर हेलमेट जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान कुचाई प्रखंड के तिलोपदा गांव निवासी भारत बानरा बाइक से आमदा के रास्ते खरसावां आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर हेलमेट के संबंध में पूछताछ की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस होने की बात सामने आई है।
बानरा ने आरोप लगाया कि उन्होंने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका। युवक का दावा है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, उनकी शर्ट फाड़ दी गई और मोबाइल छीनकर उसका डिस्प्ले क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उन्होंने जांच के दौरान पैसे मांगने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों पर संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष उपलब्ध विवरण में दर्ज नहीं है।
घटना की जानकारी मिलने पर विभिन्न आदिवासी संगठनों से जुड़े लोग शाम करीब 4:30 बजे चांदनी चौक पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए मार्ग अवरुद्ध कर दिया। इससे कुचाई-खरसावां-सरायकेला मार्ग और खरसावां-आमदा मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हुआ तथा वाहनों की कतार लग गई।
प्रदर्शनकारी कथित मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण के साथ मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद खरसावां पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।
करीब एक घंटे की वार्ता के बाद पुलिस ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे जाम हटा लिया गया और दोनों प्रमुख मार्गों पर आवागमन सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।