चाईबासा में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पांच सदस्यों की जिला स्तरीय टीम गठित करने का निर्णय लिया गया है। उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल की बैठक में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अनुश्रवण और निगरानी से जुड़े विषयों पर विचार किया गया।
बैठक में अधिकारियों ने समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा की। इसका उद्देश्य जिला स्तर पर उनकी वास्तविक जरूरतों की पहचान करना और संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है।
चर्चा के दौरान ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अम्बेडकर आवास योजना का लाभ देने का विषय सामने आया। इसके साथ ही जिला अस्पताल में समुदाय के उपचार के लिए दो बिस्तर अलग से आरक्षित रखने और आवश्यकता के अनुसार एक कंट्रोल नंबर जारी करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
जिला स्तर पर गठित होने वाली पांच सदस्यीय टीम को समुदाय के सदस्यों से सीधे मुलाकात करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। टीम उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को समझेगी, ताकि प्रशासन के पास जमीनी स्थिति पर आधारित जानकारी उपलब्ध हो सके।
निर्णय के अनुसार टीम को आगामी एक सप्ताह के भीतर मुलाकात की प्रक्रिया पूरी कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करना है। इस प्रतिवेदन में सामने आए विषयों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इससे अलग-अलग जरूरतों को संबंधित विभागों के सामने व्यवस्थित रूप से रखा जा सकेगा।
प्रशासन प्रतिवेदन मिलने के बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। बैठक में किसी योजना या प्रस्ताव के लागू होने की अंतिम समयसीमा घोषित नहीं की गई, लेकिन रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।