खरौंधी में मेराल-भवनाथपुर रेल लाइन को चोपन तक बढ़ाने की मांग, संघर्ष समिति गठित

गढ़वा के खरौंधी में स्थानीय लोगों ने मेराल-भवनाथपुर रेल लाइन का विस्तार खरौंधी के रास्ते चोपन तक करने और यात्री ट्रेन चलाने की मांग उठाई है।

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गढ़वा जिले के खरौंधी में मेराल से भवनाथपुर तक मौजूद रेल लाइन को खरौंधी के रास्ते चोपन तक बढ़ाने और इस मार्ग पर यात्री ट्रेन चलाने की मांग तेज हुई है। इस विषय पर बुधवार को बुढ़वा पीपल के पास स्थानीय लोगों और क्षेत्र के बुद्धिजीवियों की बैठक हुई।

बैठक में मांग को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से एक समिति बनाई गई। सुशील कुमार यादव को संरक्षक व संयोजक, उपेंद्र दास को अध्यक्ष, राम खेलावन पासवान और विश्वनाथ राम को उपाध्यक्ष तथा सुनील कुमार दुबे को सचिव चुना गया। कुंदन राम को उपसचिव और विवेकानंद यादव को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

समिति में 21 लोगों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बैठक में मौजूद लोगों ने रेल लाइन के विस्तार और यात्री सेवा शुरू होने तक चरणबद्ध तरीके से प्रयास और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। फिलहाल यह स्थानीय समिति की मांग है और रेलवे की ओर से किसी नई परियोजना या यात्री सेवा की घोषणा का विवरण सामने नहीं आया है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष उपेंद्र दास के अनुसार, मेराल से भवनाथपुर तक रेल लाइन पहले से उपलब्ध है। उन्होंने बैठक में बताया कि पहले इस मार्ग से टाउनशिप से मेराल होते हुए मालगाड़ी चलती थी, लेकिन सेल का संचालन बंद होने के बाद मालगाड़ी सेवा भी रुक गई।

उपेंद्र दास ने दावा किया कि रेल लाइन को खरौंधी से होते हुए चोपन तक बढ़ाकर यात्री ट्रेन चलाने से क्षेत्र के करीब पांच लाख लोगों को आवागमन और व्यावसायिक गतिविधियों में सुविधा मिल सकती है। यह संख्या और संभावित लाभ समिति की ओर से बैठक में रखे गए आकलन पर आधारित हैं।

समिति अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वर्ष 2009 में तत्कालीन सांसद घूरन राम की मांग और तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के निर्देश पर मेराल से टाउनशिप होते हुए उत्तर प्रदेश के सलईबनवा स्टेशन तक सर्वे कराया गया था। उनके मुताबिक, उस सर्वे के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई नहीं बढ़ सकी। बैठक में रामकृपाल दुबे समेत कई स्थानीय लोग उपस्थित थे।