चाईबासा के टुंगरी में पर्वों से पहले विशेष सफाई अभियान, प्रमुख मार्गों से हटाया गया कचरा

पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त के निर्देश पर टुंगरी क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर परिषद ने नागरिकों से कचरा अलग रखने और निर्धारित स्थान पर देने की अपील की।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

चाईबासा नगर परिषद ने पर्व-त्योहारों को देखते हुए टुंगरी क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया। परिषद की टीम ने प्रमुख मार्गों और आसपास के स्थानों पर जमा कूड़ा उठाकर उसका निस्तारण किया। यह अभियान पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है।

सफाई कर्मियों ने सड़क किनारे पड़े कचरे को हटाने के साथ उन स्थानों पर भी काम किया, जहां लोगों का नियमित आवागमन अधिक रहता है। नगर परिषद के अनुसार, अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शहर में स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना है।

नगर परिषद ने स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से सफाई व्यवस्था में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क, नाली, खाली भूखंड या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें और उसे निर्धारित स्थान पर ही दें।

परिषद ने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया। वर्ष 2026 के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत स्रोत पर कचरे का पृथक्करण महत्वपूर्ण बताया गया है। इन नियमों में गीले, सूखे, स्वच्छता संबंधी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग रखने की व्यवस्था पर बल दिया गया है।

नगर परिषद ने आगाह किया कि खुले स्थानों पर जैविक कचरा जमा रहने से मक्खियों, मच्छरों और चूहों जैसे रोगवाहक जीवों के पनपने का खतरा बढ़ सकता है। कचरा नालियों में पहुंचने पर जल निकासी बाधित होने और जलस्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका भी रहती है।

परिषद के मुताबिक, प्लास्टिक और दूसरे कचरे को खुले में जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ सकता है। अनुचित कचरा प्रबंधन से भूमि, जल और वायु की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ नागरिकों के आसपास का वातावरण भी खराब हो सकता है। विशेष अभियान के साथ लोगों को इन्हीं प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।