झरिया में लंबी बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन, डीवीसी चेयरमैन का पुतला फूंका

झरिया और आसपास के इलाकों में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने बाटा मोड़ पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जलापूर्ति, पढ़ाई, घरेलू काम और कारोबार प्रभावित होने की शिकायत की।

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धनबाद जिले के झरिया और आसपास के क्षेत्रों में बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। झरिया के बाटा मोड़ पर आयोजित विरोध कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने डीवीसी चेयरमैन का पुतला फूंककर बिजली आपूर्ति की स्थिति पर नाराजगी जताई।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप था कि पिछले कई दिनों से मेंटेनेंस के नाम पर लंबे समय तक बिजली काटी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में प्रतिदिन आठ से दस घंटे तक आपूर्ति बाधित रह रही है। यह अवधि प्रदर्शनकारियों की ओर से बताई गई है।

स्थानीय वक्ताओं के अनुसार, लंबे समय तक बिजली नहीं रहने का असर जलापूर्ति और रोजमर्रा के घरेलू काम पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली बाधित होने से बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। बीमार लोगों को भी परेशानी होने की बात प्रदर्शन के दौरान उठाई गई।

प्रदर्शनकारियों ने डीवीसी प्रबंधन से बिजली कटौती की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि आपूर्ति की मौजूदा स्थिति जारी रहने पर झरिया के निवासी आंदोलन तेज कर सकते हैं। इस चेतावनी के साथ उन्होंने बिजली व्यवस्था को नियमित करने पर जोर दिया।

विरोध कार्यक्रम में उपेंद्र गुप्ता, शिवचरण शर्मा, श्रीकांत अंबष्ठ, सत्यनारायण भोजगढ़िया, महेश शर्मा, अनिल पांडेय और अनुप साव सहित स्थानीय लोग मौजूद थे। उपलब्ध विवरण में बिजली कटौती के कारणों या आपूर्ति बहाल करने की समयसीमा पर डीवीसी प्रबंधन का पक्ष दर्ज नहीं है।