खूंटपानी में मजदूरों की कम उपस्थिति पर रोजगार सेवक और पंचायत सचिव से मांगा गया स्पष्टीकरण

पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने खूंटपानी प्रखंड के निरीक्षण के दौरान रोजगार योजनाओं की समीक्षा की और प्रत्येक पंचायत में 200 मजदूरों को काम देने का निर्देश दिया।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में विकास और रोजगार योजनाओं के निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने मजदूरों की कम उपस्थिति पर जवाबदेही तय करने की पहल की है। उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने एनएमएमएस ऐप पर कम उपस्थिति दर्ज होने के मामले में संबंधित रोजगार सेवक और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।

सोमवार को हुए क्षेत्र भ्रमण के समय प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अनुपस्थित पाए गए। उप विकास आयुक्त ने उनसे भी स्पष्टीकरण मांगने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं के संचालन, रोजगार सृजन और कार्यों की नियमित निगरानी से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की।

उप विकास आयुक्त ने प्रत्येक पंचायत में 200 मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से रोजगार सृजन के लक्ष्य को गंभीरता से लेने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रगति पर लगातार नजर रखने का निर्देश भी दिया गया।

क्षेत्र भ्रमण की शुरुआत बड़ागुंटिया पंचायत के पुटीदा गांव में संचालित दीदी बगिया के निरीक्षण से हुई। इसके बाद उप विकास आयुक्त मटकोबेड़ा पंचायत भवन में आयोजित रोजगार दिवस में शामिल हुए और वहां रोजगार से संबंधित गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया।

मटकोबेड़ा पंचायत भवन में रखी प्लास्टिक कचरा प्रबंधन मशीन को जल्द स्थापित कर चालू करने का निर्देश दिया गया। इससे संबंधित कर्मचारियों को मशीन को क्रियाशील बनाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया, ताकि पंचायत स्तर पर कचरा प्रबंधन का काम शुरू हो सके।

निरीक्षण के अगले चरण में रुईडीह और मटकोबेड़ा पंचायतों में संचालित दीदी बाड़ी, बिरसा हरित ग्राम योजना तथा अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और तय लक्ष्यों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।