खूंटी जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को रेबीज से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त मो जावेद हुसैन के निर्देश पर पशुपालन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों को संक्रमण के खतरे, बीमारी के लक्षण और समय पर उपचार की जरूरत समझाई जा रही है।
अभियान के दौरान बताया जा रहा है कि रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। संक्रमित पशु के काटने के साथ ही उसकी खरोंच से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसी कारण बच्चों को ऐसी किसी भी घटना की अनदेखी नहीं करने और तुरंत अपने अभिभावकों या जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया भी समझाई गई है। कुत्ते या किसी अन्य संदिग्ध पशु के काटने अथवा खरोंचने पर संबंधित घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोने की सलाह दी गई है। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेने के साथ डॉक्टर के निर्देश के अनुसार एंटी-रेबीज टीका और अन्य आवश्यक उपचार कराने पर जोर दिया गया। अभियान का संदेश है कि पशु के काटने या खरोंचने की घटना को मामूली समझकर उपचार टालना खतरनाक हो सकता है। समय पर चिकित्सा सहायता लेना बचाव की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विद्यालयों को अभियान में शामिल करने का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से परिवारों और समुदाय तक भी सही जानकारी पहुंचाना है। पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग विद्यार्थियों को आवश्यक सावधानियां अपनाने तथा ऐसी घटना होने पर तत्काल कदम उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जिला स्तर पर चल रही इस पहल का प्रमुख लक्ष्य रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर उपचार के महत्व को स्पष्ट करना है। अभियान में कारण, लक्षण और संक्रमण की जानकारी के साथ व्यवहार में अपनाए जा सकने वाले बचाव के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।