खूंटी में सेतु दीदियों को जेंडर और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर प्रशिक्षण

तिरला के गरिमा केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण में महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका और दैनिक जीवन पर जलवायु परिवर्तन के असर की जानकारी दी गई।

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खूंटी के तिरला में जलवायु परिवर्तन प्रशिक्षण में शामिल सेतु दीदियां

खूंटी के तिरला स्थित आजीविका संकुल संगठन सह गरिमा केंद्र में सेतु दीदियों के लिए जेंडर और जलवायु परिवर्तन विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बुधवार को हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के जीवन पर बदलते मौसम और पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रभावों की समझ बढ़ाना था।

प्रशिक्षण में बताया गया कि अनियमित बारिश, सूखे की स्थिति, बढ़ती गर्मी और जलस्तर में गिरावट का असर महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका तथा रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ता है। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ कृषि कार्यों में भागीदारी के कारण महिलाओं के सामने इन परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

प्रतिभागियों को गांवों में दूसरी महिलाओं तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए गए। इसके लिए खेल और भूमिका निर्वहन जैसी गतिविधियों का सहारा लिया गया, ताकि सेतु दीदियां जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों को सरल ढंग से समुदाय के सामने रख सकें।

कार्यक्रम में पौधरोपण, जल संरक्षण और पोषण वाटिका विकसित करने जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। सेतु दीदियों को जलवायु परिवर्तन और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को ग्राम सभा में उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर चर्चा और सामूहिक पहल आगे बढ़ सके।

प्रशिक्षण के बाद सेतु दीदियां स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों की बैठकों में महिलाओं को जागरूक करेंगी। वे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने वाली गतिविधियों को अपनाने के लिए भी समुदाय को प्रेरित करेंगी।

यह प्रशिक्षण जेएसएलपीएस, सिनी और असर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिनी संस्था की रेणु टूटी के साथ सेतु दीदी क्लिमेंसिया ओडेया, मार्गरेट पूर्ति, कुंती देवी और रेखा देवी सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित थीं।