साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर सकरीगली और महाराजपुर के बीच गंगा के कटाव ने रेल परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डाउन लाइन पर 29 सितंबर से ट्रेनों की आवाजाही बंद है, जबकि अप लाइन से परिचालन जारी रखा गया है। इस व्यवधान के कारण साहिबगंज और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेल ट्रैक को कटाव से सुरक्षित करने के लिए प्रभावित हिस्से में मिट्टी, पत्थर और बोल्डर डाले जा रहे हैं। शुक्रवार को मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष गुप्ता ने भी बचाव कार्य का जायजा लिया। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कटावरोधी काम में कठिनाई आ रही है और इसे पूरा करने में समय लगने की संभावना बताई गई है।
रेलवे की ओर से कुछ डाउन दिशा की ट्रेनों को अप लाइन पर चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। प्रस्तावित ट्रेनों में भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस, साहिबगंज-हावड़ा इंटरसिटी, पटना-मालदा और साहिबगंज-रामपुरहाट शामिल हैं। इन ट्रेनों के परिचालन को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रभावित स्थान पर लगभग सौ फीट हिस्से में स्थिति चुनौतीपूर्ण बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले डाले गए बोल्डर पानी में नीचे चले गए। जहाज के जरिये बोल्डर पहुंचाने की योजना पर भी विचार हुआ, लेकिन जहाज संचालकों के तैयार नहीं होने से यह विकल्प आगे नहीं बढ़ सका।
शुक्रवार तक 56 पैसेंजर और आठ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने तथा 29 ट्रेनों का मार्ग बदलने की जानकारी दी गई है। बलिया-सियालदह एक्सप्रेस और काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस को भी अलग मार्ग से चलाने की योजना बताई गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति जांचने की जरूरत है।
परिचालन सामान्य होने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। रिपोर्ट में पांच अक्टूबर के बाद सेवा बहाल होने की संभावना जताई गई है, लेकिन किसी रेलवे अधिकारी की औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई। ऐसे में बहाली का समय गंगा के जलस्तर और कटावरोधी कार्य की प्रगति पर निर्भर रहेगा।