गजलीटांड़ खदान हादसे की 32वीं बरसी पर 64 दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि

धनबाद के बाघमारा स्थित गजलीटांड़ में खदान हादसे की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा हुई। जनप्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और परिजनों ने 64 दिवंगत श्रमिकों को याद किया।

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गजलीटांड़ खदान हादसे की बरसी पर शहीद स्तंभ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा

धनबाद जिले के बाघमारा स्थित गजलीटांड़ में खदान दुर्घटना की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। गजलीटांड़ मैदान के शहीद स्तंभ परिसर में जनप्रतिनिधियों, बीसीसीएल के अधिकारियों, मजदूर संगठनों, स्थानीय लोगों और मृत श्रमिकों के परिजनों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

यह दुर्घटना 26 सितंबर 1994 की रात हुई थी। कतरी नदी का पानी अचानक खदान में प्रवेश करने के बाद पूरा कार्यस्थल जलमग्न हो गया था। उस समय खदान में काम कर रहे 64 श्रमिकों की जान चली गई थी। तीन दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद क्षेत्र के लोगों और प्रभावित परिवारों के बीच हादसे की स्मृतियां बनी हुई हैं।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो और पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा शामिल हुए। आरसीएमएस के वरिष्ठ नेता ए.के. झा तथा विभिन्न मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी शहीद स्तंभ पर पुष्प चढ़ाए और दिवंगत श्रमिकों को याद किया।

कार्यक्रम में पहुंचे श्रमिकों के परिजनों ने शहीद स्तंभ पर पूजा-अर्चना की और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिसर में पौधारोपण भी किया गया। सभा में उपस्थित लोगों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी मौजूदा स्थिति और समस्याओं की जानकारी ली।

परिजनों ने बीसीसीएल के सीएमडी के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए लंबित मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने हादसे के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उस समय के प्रबंधन की ओर से परिवारों की सुविधाओं तथा भविष्य को लेकर किए गए वादों का भी उल्लेख किया। परिजनों के अनुसार, इतने वर्षों बाद भी उनके परिवार कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

सभा में शामिल मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस दुर्घटना को खनन सुरक्षा से जुड़ी गंभीर सीख बताया। वार्षिक श्रद्धांजलि आयोजन ने एक बार फिर 64 श्रमिकों की स्मृति के साथ खदानों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की लंबित चिंताओं को सामने रखा।