पलामू में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति पर सवाल उठे हैं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 13 योजनाओं का क्रियान्वयन होना है, लेकिन अब तक केवल एक योजना पूरी हो सकी है। शेष योजनाओं का काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ा है।
समिति की बैठक की अध्यक्षता पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने की। इसमें झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ जिले के कई विधायक और उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को कई बिंदुओं पर निर्देश दिए गए।
बैठक में सामने आए विवरण के अनुसार, सतबरवा की एकमात्र संचालित पेयजल परियोजना से करीब आठ हजार घरों को पानी मिल रहा है। दूसरी योजनाओं में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। समिति ने इन परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में काम तेज करने को कहा है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए इन्हें महत्वपूर्ण माना गया है।
बैठक के बाद सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि पलामू में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। सांसद के अनुसार, आपसी तालमेल के साथ काम करने पर लंबित योजनाओं की प्रगति में सुधार लाया जा सकता है।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी का मुद्दा भी सामने आया। बैठक में योजनाओं की धीमी रफ्तार से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई और क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए। हालांकि, शेष 12 योजनाओं को पूरा करने के लिए कोई नई समय-सीमा बताए जाने का विवरण उपलब्ध नहीं है।
समिति ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की अलग से समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है। यह समीक्षा बैठक अगले महीने प्रस्तावित है। फिलहाल जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं पर आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित विभाग बैठक में दिए गए निर्देशों और समन्वय संबंधी चिंताओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।