झारखंड में बाल कल्याण समितियों के रिक्त पद भरने की प्रक्रिया शुरू, अक्टूबर तक परिणाम का लक्ष्य

राज्य में बाल कल्याण समितियों की रिक्त बेंच भरने के लिए 24 से 26 सितंबर तक लिखित परीक्षा और साक्षात्कार हुए। विभाग ने अक्टूबर तक परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा है।

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झारखंड में बाल कल्याण समितियों की रिक्त बेंच भरने की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची में झारखंड की बाल कल्याण समितियों (सीडब्ल्यूसी) की रिक्त बेंच भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। खाली पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार 24 से 26 सितंबर के बीच लिए गए। विभाग ने इस नियुक्ति प्रक्रिया का परिणाम अक्टूबर तक जारी करने का लक्ष्य तय किया है।

विभाग के अनुसार, जिन स्थानों पर समिति के पद खाली हैं, उनके लिए रिक्तियां जारी की जा चुकी हैं। आवश्यक सरकारी स्वीकृति मिलने के बाद राज्यभर में सीडब्ल्यूसी की बाकी रिक्त बेंच को भी जल्द भरने की योजना है। फिलहाल नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है।

रिक्त पद भर जाने पर बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। समिति की बेंच पूरी होने से संरक्षण और देखभाल से जुड़े मामलों पर काम सुचारु रूप से चल सकेगा। इसके साथ ही बच्चों के हित में किए जाने वाले कार्यों को आगे बढ़ाने में भी प्रशासनिक सुविधा मिलेगी।

लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का तीन दिवसीय चरण पूरा होने के बाद अब परिणाम जारी करने की तैयारी पर ध्यान है। विभाग की समयसीमा के मुताबिक अक्टूबर में परिणाम सामने आ सकते हैं। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति से रिक्त बेंच को सक्रिय करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

राज्य के सभी जिलों में बाल कल्याण समितियों की शेष रिक्तियों को भरना विभाग की योजना में शामिल है। हालांकि पूरी प्रक्रिया सरकारी स्वीकृति से जुड़ी हुई है। विभाग का प्रयास है कि जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी हों और खाली पदों के कारण बच्चों से जुड़े मामलों के कामकाज में आने वाली व्यावहारिक बाधाएं कम की जा सकें।