गढ़वा के सोनपुरवा स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में 31 अगस्त को हुई मूसलधार बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति सामने आई। परिसर में पानी जमा होने की तस्वीरें और वीडियो प्रसारित होने के बाद बस स्टैंड की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह स्थान जिले की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते हैं।
गढ़वा के अलग जिला बनने के बाद बढ़ती परिवहन जरूरतों को देखते हुए सोनपुरवा में वर्ष 1993 में बस स्टैंड शुरू किया गया था। शहर के विस्तार तथा बसों और यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ पुराना परिसर सुविधाओं के लिहाज से छोटा पड़ने लगा। इसके बाद उसी स्थान पर आधुनिक अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण कराया गया।
नए बस स्टैंड पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसका उद्घाटन 3 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया था। परिसर में एक साथ 20 बसों के ठहरने की व्यवस्था के साथ मुख्य भवन, टिकट काउंटर और पूछताछ कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की गईं।
तीन राज्यों की सीमा से जुड़े गढ़वा के इस बस स्टैंड से बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों को परिवहन सुविधा मिलती है। ऐसे व्यस्त परिसर में बारिश का पानी जमा होने से यात्रियों की आवाजाही, बसों के परिचालन और साफ-सफाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने यह प्रश्न खड़ा किया है कि परिसर से पानी निकालने की मौजूदा व्यवस्था तेज वर्षा के लिए पर्याप्त है या नहीं। सोशल मीडिया पर साझा दृश्यों के आधार पर लोगों ने केवल जमा पानी हटाने के बजाय स्थायी निकासी और नियमित रखरखाव की जरूरत पर जोर दिया है।
लगभग तीन दशक पुराने परिवहन केंद्र को आधुनिक स्वरूप मिलने के बाद यात्रियों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। अब जलजमाव की समस्या का टिकाऊ समाधान सुनिश्चित करना जरूरी माना जा रहा है, ताकि अगली तेज बारिश में परिसर का उपयोग प्रभावित न हो और यात्रियों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक आवागमन मिल सके।