गढ़वा की 14 ग्रामीण सड़कों की स्थिति स्पष्ट, तीन को पीएमजीएसवाई-4 में जगह

जेएसआरआरडीए ने पलामू सांसद को करीब 61 किलोमीटर लंबी 14 प्रस्तावित ग्रामीण सड़कों की रोडवार स्थिति भेजी है। इनमें तीन सड़कें पीएमजीएसवाई-4 में शामिल हैं।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
गढ़वा जिले की प्रस्तावित ग्रामीण सड़कों की रोडवार स्थिति से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर

गढ़वा जिले की 14 प्रस्तावित ग्रामीण सड़कों की मौजूदा स्थिति से संबंधित रिपोर्ट पलामू सांसद विष्णु दयाल राम को भेजी गई है। झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता की ओर से उपलब्ध कराई गई रोडवार सूची में करीब 61 किलोमीटर लंबी सड़कों का उल्लेख है।

रिपोर्ट के अनुसार, इन 14 सड़कों में केवल तीन को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण यानी पीएमजीएसवाई-4 में शामिल किया गया है। सूची में गढ़वा, नगर ऊंटारी, खरौंधी, मेराल, मझिआंव, डंडई और रमकंडा प्रखंड की ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।

गढ़वा प्रखंड में गढ़वा-शाहपुर मुख्य सड़क से करसुआ खुर्द पश्चिम टोला के बगीचा टोला तक करीब पांच किलोमीटर सड़क को योजना में लिया गया है। खरौंधी में करिवाडीह मुख्य पथ से हनुमान मंदिर होते हुए सुंडी और चंदना मुख्य पथ तक लगभग छह किलोमीटर सड़क भी चयनित हुई है।

डंडई प्रखंड में जरही अयोध्या बांध आरईओ रोड से कदलीया होते हुए कजरमारा दानरो नदी तक करीब चार किलोमीटर सड़क को भी पीएमजीएसवाई-4 में शामिल किया गया है। वहीं, मझिआंव की भागोडीह-चौधरी टोला-बनरी चट्टान सड़क का डीपीआर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृति के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

रोडवार विवरण में कई प्रस्तावित सड़कों को पीएमजीएसवाई-4 के लिए पात्र नहीं बताया गया है। इनमें रमकंडा प्रखंड की कुइया बसंत मोड़ से ऊपर टोला प्राथमिक विद्यालय तक करीब सात किलोमीटर, मंगराही मंजरी सीवान से वीरबल सिंह के घर तक लगभग पांच किलोमीटर और बलिगढ़ से वेदसी टोला होते हुए ठेंगुरा सीवान तक करीब छह किलोमीटर सड़क शामिल है।

रिपोर्ट में नगर ऊंटारी की एक पुरानी पीएमजीएसवाई सड़क और मझिआंव की एक पुरानी राज्य सड़क को डीएलपी से बाहर बताया गया है। यह विवरण सांसद की ओर से ग्रामीण सड़कों के संबंध में किए गए पत्राचार के जवाब में भेजा गया, जिससे प्रत्येक प्रस्तावित मार्ग की योजना और पात्रता की स्थिति सामने आई है।