गढ़वा जिले के कल्याणपुर पंचायत सचिवालय में शुक्रवार, 25 सितंबर को न्याय रथ सह चलंत लोक अदालत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता पाने की प्रक्रिया के साथ केंद्र और राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
यह कार्यक्रम झालसा, रांची के निर्देश पर आयोजित हुआ। इसकी व्यवस्था प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष दिनेश कुमार और प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देश पर की गई थी। टीम ने पात्र लोगों को उपलब्ध विधिक सेवाओं और उनसे संपर्क करने के माध्यमों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में पीएलवी कृष्णानंद दुबे ने बताया कि तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क अधिवक्ता सहित कानूनी सहायता दी जाती है। अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों, महिलाओं, बच्चों, मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों, जेल में बंद कैदियों तथा आपदा प्रभावित लोगों के लिए आय की सीमा लागू नहीं होने की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों को अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और चिकित्सा के लिए प्रति बच्चा चार हजार रुपये मासिक सहायता के प्रावधान से भी परिचित कराया गया। पीएलवी यशवंत मिश्रा और रमाशंकर चौबे ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से संबंधित जानकारी साझा की।
मुरली श्याम तिवारी ने घरेलू हिंसा के मामलों में मध्यस्थता, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, निर्माण कर्मकारों से जुड़ी सुविधाओं और सड़क तथा वाहन दुर्घटना मुआवजे के प्रावधान समझाए। कल्पना देवी ने ग्रामीणों को बताया कि वह सप्ताह में दो दिन पंचायत में उपलब्ध रहेंगी, जिससे जरूरतमंद लोग स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम में मुखिया अशोक चंद्रवंशी ने लोगों से विधिक सेवाओं का लाभ लेने की अपील की। इस दौरान पीएलवी संगीता सिन्हा, रौशन आरा, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। न्याय रथ का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोगों तक कानूनी सहायता और पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना रहा।