गढ़वा के पतरिया गांव में पूर्व सैनिक ने डेयरी, जैविक खाद और गोबर गैस से बनाया आजीविका मॉडल

बीएसएफ से सेवानिवृत्त अजय कुमार तिवारी ने दो गायों से शुरू की डेयरी को 20 गायों तक पहुंचाया। उनके दुग्ध संग्रह केंद्र से आसपास के 10 से अधिक गांवों के पशुपालक भी जुड़े हैं।

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गढ़वा के पतरिया गांव में अजय कुमार तिवारी की फौजी डेयरी

गढ़वा जिले के पतरिया गांव में सीमा सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त अजय कुमार तिवारी ने पशुपालन, दुग्ध संग्रह और जैविक खेती को जोड़कर आजीविका का एक समेकित मॉडल तैयार किया है। उनकी डेयरी में अभी करीब 20 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध का उत्पादन होता है। दूध की आपूर्ति मेधा कंपनी को की जाती है।

अजय कुमार तिवारी वर्ष 2009 में बीएसएफ से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने पशुपालन को आमदनी का माध्यम बनाने का फैसला किया और 2010 में गढ़वा शहर के सहिजना में दो गायों के साथ डेयरी शुरू की। वर्ष 2023 तक उन्होंने शहर से ही इसका संचालन किया।

वर्ष 2024 में तिवारी ने डेयरी को अपने पैतृक गांव पतरिया स्थानांतरित कर दिया। गांव में दूध की बिक्री को लेकर उन्हें आशंकाएं बताई गई थीं, लेकिन उन्होंने कारोबार जारी रखा। कंपनी को नियमित आपूर्ति की व्यवस्था होने से उन्हें दूध बेचने के लिए अलग बाजार खोजने की जरूरत नहीं पड़ती है।

उन्होंने अपने घर पर मेधा एमपीपी दुग्ध संग्रह केंद्र भी स्थापित किया है। इस केंद्र से आसपास के 10 से अधिक गांवों के सैकड़ों दुग्ध उत्पादक जुड़े बताए गए हैं। अचला, नावाडीह, पतरिया, कार्यकला, मेढ़ना, डुमरिया, मसूरिया, पिपरा और हुर सहित निकटवर्ती गांवों के पशुपालक यहां दूध पहुंचाते हैं, जिसे संग्रह के बाद कंपनी को भेजा जाता है।

डेयरी से निकलने वाले गोबर का उपयोग वर्मी कंपोस्ट बनाने में किया जा रहा है। तिवारी ने करीब तीन वर्ष पहले इसका उत्पादन शुरू किया था और अब सालाना लगभग 200 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट तैयार करते हैं। यह खाद सरकार के साथ आसपास के किसानों को भी अपेक्षाकृत कम दर पर उपलब्ध कराई जाती है।

पशुपालन को ऊर्जा और खेती से जोड़ने के लिए परिसर में गोबर गैस संयंत्र भी लगाया गया है। इस तरह दूध उत्पादन, दुग्ध संग्रह, जैविक खाद और गोबर गैस की गतिविधियां एक ही व्यवस्था में शामिल हैं। दो गायों से शुरू हुई पहल अब स्थानीय पशुपालकों के लिए दूध बिक्री का नियमित माध्यम भी उपलब्ध करा रही है।