धनबाद में रविवार, 27 सितंबर को सरकारी बैंकों की शाखाएं खुलीं और नियमित बैंकिंग सेवाएं जारी रहीं। आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल से पहले जरूरी काम पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में ग्राहक शाखाओं में पहुंचे। आम दिनों की तुलना में कई बैंकों में अधिक भीड़ देखी गई।
रविवार को बैंक खोलने का निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के बाद लिया गया। इसका उद्देश्य प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल से पहले ग्राहकों को लेनदेन और अन्य आवश्यक बैंकिंग कार्य निपटाने का अवसर देना था। हीरापुर सहित शहर की विभिन्न शाखाओं में सुबह से ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
इस बीच बैंक कर्मचारियों ने साप्ताहिक अवकाश रद्द किए जाने पर नाराजगी जताई। कर्मचारी काले कपड़े पहनकर या बांह पर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी पर पहुंचे और दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। यह विरोध धनबाद के साथ देश के अन्य हिस्सों में भी किए जाने की जानकारी यूनियन प्रतिनिधियों ने दी।
ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के झारखंड सचिव राजीव रंजन और बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े सुभाष वाल्मीकि ने अवकाश के दिन शाखाएं खोलने के निर्देश को अनुचित बताया। उनका कहना था कि लगातार तीन दिनों की प्रस्तावित हड़ताल से ठीक पहले रविवार की छुट्टी रद्द किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधी।
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि प्रतीकात्मक विरोध के कारण ग्राहकों का काम प्रभावित नहीं होने दिया गया। शाखाओं में नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस तथा दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। कर्मचारी निर्धारित समय पर शाखाओं में पहुंचे और अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
रविवार को शाखाएं खुलने से उन ग्राहकों को राहत मिली, जिन्हें प्रस्तावित हड़ताल से पहले जरूरी वित्तीय काम पूरे करने थे। एक ग्राहक ने बताया कि तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका के कारण वह पहले ही अपना काम निपटाने पहुंचे। कर्मचारियों ने कहा कि वे ग्राहकों की सुविधा बनाए रखते हुए अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।