धनबाद में लगातार हो रही बारिश का असर सार्वजनिक परिवहन और खानपान कारोबार पर दिखाई दे रहा है। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम होने से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं। रोज की कमाई पर निर्भर चालकों की आय इससे प्रभावित हुई है।
जिले में ऑटो और ई-रिक्शा सार्वजनिक परिवहन के प्रमुख साधनों में शामिल हैं। झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार, बारिश के कारण यात्रियों की संख्या घटने के साथ बिजली की अनियमित आपूर्ति भी चालकों की परेशानी बढ़ा रही है।
बिजली नहीं रहने से कई ई-रिक्शा समय पर चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में कुछ चालक वाहन लेकर सड़क पर नहीं निकल पा रहे, जबकि चलने वाले वाहनों को भी अपेक्षित यात्री नहीं मिल रहे हैं। संघ का कहना है कि बारिश जारी रहने तक परिवहन कारोबार पर इसका असर बने रहने की आशंका है।
बारिश ने धनबाद के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार का स्वरूप भी बदला है। लोगों के घरों से कम निकलने के कारण प्रतिष्ठानों में बैठकर भोजन करने वाले ग्राहकों की संख्या घटी है। हालांकि भोजन की कुल मांग पूरी तरह समाप्त होने के बजाय ऑनलाइन डिलीवरी की ओर स्थानांतरित होती दिख रही है।
बरटांड़ के एक होटल संचालक मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में ऑनलाइन ऑर्डर बढ़े हैं। उनके आकलन के मुताबिक बारिश के दौरान ऑनलाइन भोजन के ऑर्डर में करीब 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस तरह एक ओर होटल में प्रत्यक्ष ग्राहकों की भीड़ कम हुई है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाले ऑर्डर ने खानपान कारोबार को कुछ सहारा दिया है।