गढ़वा जिले के बिशुनपुरा में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई, फास्ट फूड और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान के दौरान एक दुकान में करीब 100 किलोग्राम खराब रसगुल्ला मिलने पर उसे मौके पर नष्ट कराया गया। उसी प्रतिष्ठान पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
यह निरीक्षण उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर किया गया। जांच दल में अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरएस सिंह और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी किरण हेमब्रम शामिल थे। टीम ने बिशुनपुरा के गांधी चौक और आसपास संचालित कई दुकानों में खाद्य सामग्री, स्वच्छता तथा लाइसेंस संबंधी स्थिति देखी।
न्यू शुभम स्वीट्स एंड फास्ट फूड की जांच में साफ-सफाई की कमी पाई गई। प्रतिष्ठान के फ्रीजर में बासी कच्चे समोसे भी मिले। विभागीय जांच में यह दुकान खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के बिना संचालित पाई गई। निरीक्षण के दायरे में ड्राई फ्रूट्स, कोल्ड ड्रिंक, मिष्ठान, फास्ट फूड और भोजनालय से जुड़े अन्य प्रतिष्ठान भी रहे।
अमित स्वीट्स में जांच दल को करीब 100 किलो खराब रसगुल्ला मिला। विभाग के अनुसार, यहां मिठाई का सिरा साफ करने के लिए ऐसे हाइड्रो उत्पाद का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे औद्योगिक उपयोग के लिए मान्य बताया गया है। इस आधार पर प्रतिष्ठान पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह दुकान भी बिना खाद्य सुरक्षा लाइसेंस चलती मिली।
अधिकारियों ने कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के बिना व्यापार न करें। जिनके पास लाइसेंस है, उन्हें इसे दुकान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना होगा। दुकानों में नियमित सफाई रखने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और मिठाइयों को ढककर रखने की हिदायत भी दी गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध आगे की जांच में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दशहरा और दीपावली सहित आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने तथा ऐसे निरीक्षण जारी रखने की बात कही गई है।