रामगढ़ जिले ने अक्टूबर महीने में टेक होम राशन योजना के क्रियान्वयन में झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है। जारी राज्यस्तरीय रैंकिंग के अनुसार जिले में 96.4 प्रतिशत लाभार्थियों तक राशन पहुंचाया गया। योजना के तहत कुल 33,122 पात्र लाभार्थियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई।
लाभार्थियों में 3,993 गर्भवती महिलाएं और 2,607 धात्री माताएं शामिल हैं। इनके अलावा छह महीने से तीन वर्ष आयु वर्ग के 22,165 बच्चों को भी टेक होम राशन दिया गया। जिले में चिह्नित 14 से 18 वर्ष की 4,357 किशोरियों को योजना का लाभ मिला।
टेक होम राशन योजना गर्भवती और धात्री महिलाओं, छोटे बच्चों तथा किशोरियों को पोषण सहायता देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार का प्रयास किया जाता है। अक्टूबर के वितरण आंकड़ों के आधार पर तैयार रैंकिंग में रामगढ़ का प्रदर्शन राज्य में सबसे बेहतर रहा।
जिले की उपलब्धि पर उपायुक्त ऋतुराज ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो और समाज कल्याण विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने इस परिणाम को टीम की मेहनत, नियमित निगरानी और समर्पण से जुड़ा बताया।
उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आगे भी इसी प्रतिबद्धता से काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि वितरण की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे और लाभार्थी सहायता से वंचित न हों।
जिला प्रशासन ने आने वाले समय में भी सभी पात्र लाभार्थियों को निर्धारित अवधि में टेक होम राशन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। अक्टूबर में हासिल 96.4 प्रतिशत वितरण दर के बाद अब विभाग के सामने शेष पात्र लाभार्थियों तक भी योजना की पहुंच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी।