गढ़वा समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में राशन, दिव्यांगता पेंशन, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका चयन और मतदाता बूथ में बदलाव से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने फरियादियों की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर संवेदनशीलता तथा तत्परता से समाधान करने का निर्देश दिया।
सदर प्रखंड के सुखबाना निवासी चंद्रदेव राम ने बताया कि राशन कार्ड होने के बावजूद उन्हें तीन महीने से अनाज नहीं मिला है। उनके आवेदन के अनुसार, वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और किराये के मकान में रहते हैं। समस्या के समाधान के लिए प्रखंड से जिला स्तर तक प्रयास करने की बात भी आवेदन में कही गई। उपायुक्त ने जांच के बाद राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डंडई प्रखंड के रारो गांव निवासी खुश्दिल अंसारी ने दिव्यांगता पेंशन दिलाने की मांग रखी। उन्होंने स्वयं को गरीब और दिव्यांग बताते हुए कहा कि उनके पास आय का दूसरा साधन नहीं है। जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने उनकी पात्रता और आवेदन से जुड़े विषय की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का मामला रखा गया।
चिनिया प्रखंड के बेता गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने सेविका और सहायिका के चयन की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि 14 अगस्त को ग्रामसभा के माध्यम से चयन होना था, लेकिन गांव में ग्रामसभा कराए बिना प्रक्रिया पूरी कर दी गई। उन्होंने दोबारा ग्रामसभा आयोजित कर नियमों के अनुसार चयन कराने की मांग की। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।
मेराल प्रखंड के पेंदली के ग्रामीणों ने मतदाता सूची से संबंधित एसआईआर प्रक्रिया में बीएलओ और अन्य कर्मियों की लापरवाही का आरोप लगाया। उनके अनुसार, बूथ संख्या 101 के करीब 390 मतदाताओं के नाम लगभग तीन किलोमीटर दूर टेटूका कला स्थित बूथ संख्या 102 में जोड़ दिए गए। ग्रामीणों ने नाम पुराने बूथ में वापस जोड़ने और जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार और बकाया मजदूरी से संबंधित आवेदन भी पहुंचे। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इन निर्देशों के बाद अलग-अलग मामलों में जांच और वास्तविक समाधान की प्रक्रिया संबंधित विभागों के स्तर पर आगे बढ़ेगी।