गढ़वा-पलामू की सड़क परियोजनाओं में तेजी की मांग, एनएचएआई अध्यक्ष से मिले सांसद

सांसद विष्णु दयाल राम ने एनएचएआई अध्यक्ष के समक्ष फोरलेन निर्माण की धीमी गति, खराब शहरी सड़कों, लंबित स्वीकृतियों और रखरखाव से जुड़े मुद्दे रखे।

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गढ़वा और पलामू की सड़क परियोजनाओं पर एनएचएआई अध्यक्ष से चर्चा करते सांसद

गढ़वा और पलामू की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति तथा सड़कों के रखरखाव का मामला भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष तक पहुंचा है। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में एनएचएआई अध्यक्ष संतोष कुमार यादव से मुलाकात कर क्षेत्र की कई सड़क परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई की मांग की।

बैठक में गढ़वा-रेहला फोरलेन बाइपास के पुराने हिस्सों की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया। सांसद ने संबंधित निर्माण एजेंसी से दोष दायित्व अवधि के तहत रखरखाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति सुधरने से स्थानीय लोगों के साथ दूसरे जिलों से आने-जाने वाले वाहनों को भी सुविधा मिलेगी।

रमना और नगरऊंटारी के शहरी इलाकों में खराब सड़क तथा गड्ढों की समस्या पर भी चर्चा हुई। सांसद ने इन हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने का अनुरोध किया। फोरलेन निर्माण के बीच मौजूदा सड़कों की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी को बैठक में आधार बनाया गया।

एनएच-39 के पैकेज-पांच में खजुरी-विंढमगंज खंड के पूर्ण हो चुके हिस्से का जल्द उद्घाटन कराने की मांग भी रखी गई। इसके साथ भोगू-शंखा खंड के निर्माण में तेजी, प्रस्तावित पुल की स्वीकृति और वन संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण का आग्रह किया गया। सांसद के अनुसार, एनएचएआई अध्यक्ष ने इन विषयों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

चर्चा में एनएच-139 के हरिहरगंज-सीलीदाग खंड का रखरखाव, सतबरवा बाइपास के निर्माण और डालटनगंज फोरलेन बाइपास से जुड़े लंबित वाहन मार्ग भी शामिल रहे। मेदिनीनगर शुल्क केंद्र पर स्थानीय लोगों के लिए छूट की समीक्षा तथा एनएच-98 के पड़वा मोड़-सीलीदाग हिस्से को एनएचएआई के अधीन लेने की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया गया।

सांसद ने परियोजना निदेशकों के बार-बार स्थानांतरण से निगरानी और निर्माण की गति प्रभावित होने की बात भी रखी। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी और सक्रिय परियोजना निदेशक की नियुक्ति, डालटनगंज स्थित परियोजना कार्यान्वयन इकाई को वहीं बनाए रखने तथा सभी सड़क मामलों की समयबद्ध समीक्षा और नियमित निगरानी की मांग की।