गढ़वा में एनएच के सीसीटीवी कैमरों का सीधा एक्सेस थानों को नहीं, कंट्रोल सेंटर जाकर देखना होगा फुटेज

तकनीकी व्यवस्था के कारण गढ़वा और नगर ऊंटारी थानों को एनएचएआई के कैमरों का सीधा ऑनलाइन एक्सेस नहीं मिल सकेगा। जरूरत पर पुलिस कंट्रोल सेंटर जाकर फुटेज देख सकेगी।

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गढ़वा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी के लिए लगा सीसीटीवी कैमरा

गढ़वा जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों तक पुलिस की सीधी ऑनलाइन पहुंच की योजना फिलहाल तकनीकी अड़चन के कारण लागू नहीं हो सकेगी। गढ़वा और नगर ऊंटारी थानों को इन कैमरों का एक्सेस देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन एनएचएआई ने मौजूदा व्यवस्था में ऐसा करना संभव नहीं बताया है।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी देते हुए एनएचएआई के प्रतिनिधियों ने कैमरों की तकनीकी संरचना स्पष्ट की। उनके अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे कैमरों के कंट्रोल सेंटर गढ़देवी टोल प्लाजा और बंशीधर टोल प्लाजा में हैं। कैमरे इंटरनेट या आईपी एड्रेस के बजाय ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से इन केंद्रों से जुड़े हैं।

इसी तकनीकी ढांचे के कारण संबंधित थानों को कैमरों का सीधा ऑनलाइन एक्सेस उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर पुलिसकर्मी संबंधित कंट्रोल सेंटर पहुंचकर रिकॉर्ड फुटेज देख सकेंगे। इस व्यवस्था में पुलिस को जांच के लिए टोल प्लाजा स्थित केंद्रों पर निर्भर रहना होगा।

सीसीटीवी फुटेज खास तौर पर हिट एंड रन की घटनाओं में उपयोगी हो सकता है, जब दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है। ऐसे मामलों में घटनास्थल के आसपास से गुजरे वाहनों की पहचान और उनके आवागमन की जानकारी जुटाने में कैमरों की रिकॉर्डिंग मदद कर सकती है। थाने से सीधी निगरानी नहीं होने के कारण फुटेज प्राप्त करने में समय लगने की आशंका जताई गई है।

फिलहाल एनएचएआई के कैमरे सड़क सुरक्षा और राजमार्ग की निगरानी के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन पुलिस को उन्हें देखने के लिए कंट्रोल सेंटर जाना पड़ेगा। एनएचएआई और पुलिस विभाग के बीच किसी वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था पर निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मौजूदा स्थिति में जांच के दौरान फुटेज हासिल करने की प्रक्रिया कंट्रोल सेंटर के माध्यम से ही पूरी होगी।