गढ़वा में मिशन शक्ति योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के निर्देश, महिला हेल्पलाइन और सहायता सेवाओं पर जोर

उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने मिशन शक्ति की योजनाओं का व्यापक प्रचार करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और पात्र महिलाओं व बालिकाओं तक सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया है।

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गढ़वा में मिशन शक्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रशासनिक पहल

गढ़वा जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, संरक्षण तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी मिशन शक्ति योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी तेज की गई है। उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और प्रचार-प्रसार बढ़ाने का निर्देश दिया है।

जिले में मिशन शक्ति के अंतर्गत सम्बल और सामर्थ्य नामक दो घटकों के माध्यम से सेवाएं संचालित की जा रही हैं। सम्बल में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन-181 और सखी वन स्टॉप सेंटर शामिल हैं। इन सेवाओं का उद्देश्य संकट में पड़ी महिलाओं और बालिकाओं को समय पर सुरक्षा एवं जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।

महिला हेल्पलाइन-181 के माध्यम से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या दूसरी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाएं मदद मांग सकती हैं। आवश्यकता के अनुसार उन्हें संबंधित सेवाओं और संस्थानों से जोड़ने की व्यवस्था है। हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर में एक स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

सामर्थ्य घटक में शक्ति सदन, पालना घर, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इनके जरिये जरूरतमंद महिलाओं के संरक्षण और पुनर्वास, बच्चों की देखभाल, रोजगार संबंधी जानकारी तथा पात्र महिलाओं को मातृत्व सहायता देने पर जोर है।

प्रशासन के सामने ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना एक प्रमुख चुनौती है। पात्रता होने के बावजूद जानकारी के अभाव में कई महिलाएं और बालिकाएं उपलब्ध सुविधाओं से नहीं जुड़ पातीं। इसी कारण हेल्पलाइन, संरक्षण केंद्रों और आर्थिक सहायता वाली योजनाओं के बारे में जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।

उपायुक्त ने क्रियान्वयन में शिथिलता नहीं बरतने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय कायम करने और योजनाओं की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई पर भी जोर दिया, ताकि सुरक्षा या सहायता की जरूरत वाली महिलाओं और बालिकाओं को संबंधित सुविधा से जोड़ा जा सके।