गढ़वा में विकास योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि जिन योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें रोककर आवंटित राशि शीघ्र वापस की जाए। इससे उपलब्ध राशि के आधार पर नई योजनाएं ली जा सकेंगी।
बैठक में तकनीकी पदाधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक तथा वित्तीय प्रगति की जानकारी मांगी गई। कई योजनाओं की स्थिति पर संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को अगली बैठक तक योजनाओं की वास्तविक स्थिति और प्रगति स्पष्ट करने को कहा। ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि केवल आवंटित राशि खर्च करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही और समय पर उपयोग होना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और सभी कार्य तय तकनीकी मानकों के अनुसार कराने पर जोर दिया।
कार्यपालक अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य कागजी विवरण के साथ मौके की वास्तविक प्रगति का मिलान करना है। बैठक में अधिकारियों को वित्तीय खर्च और धरातल पर हुए काम के बीच संतुलन बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दायरे में जिला खनिज फाउंडेशन न्यास, अनटाइड फंड, पेयजल एवं स्वच्छता, कल्याण और आकांक्षी जिला निधि समेत विभिन्न मदों से चल रही योजनाएं शामिल थीं। उपायुक्त ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का विभागीय समन्वय से तत्काल समाधान करने को कहा।
उपायुक्त ने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण के दौरान मिलने वाली जन शिकायतों और स्थानीय समस्याओं का भी तेजी से निपटारा करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, डीआरडीए निदेशक सुकेशनी करकेट्टा, प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा तथा विभिन्न विभागों के अभियंता और अधिकारी उपस्थित थे।