गढ़वा शहर का मुख्य मार्ग अधूरा, जाम और बाधित जलापूर्ति से बढ़ी परेशानी

शंखा से खजुरी तक सड़क परियोजना की समयसीमा बीतने के बाद भी गढ़वा शहर में काम अधूरा है। कटे मार्ग, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, धूल और जाम से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं।

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गढ़वा शहर के निर्माणाधीन मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति

गढ़वा शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क निर्माण अधूरा रहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों पर सड़क काटकर छोड़ दी गई है, जिससे दिनभर जाम लग रहा है। यह मार्ग झारखंड को बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जोड़ता है, इसलिए निर्माण की मौजूदा स्थिति का असर स्थानीय यातायात के साथ दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों पर भी पड़ रहा है।

निर्माण के दौरान मझिआंव मोड़ से गढ़देवी गेट तक करीब आठ स्थानों पर पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। इससे शहर के संबंधित हिस्सों में जलापूर्ति बाधित हुई है। सड़क किनारे की पुरानी नालियां भी ध्वस्त कर दी गई हैं, जिसके कारण लोगों को पेयजल के साथ जलनिकासी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अधूरे निर्माण से उड़ रही धूल भी दुकानदारों, आसपास के घरों और राहगीरों के लिए मुश्किल बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हल्की हवा के साथ धूल दुकानों और घरों तक पहुंच रही है। निर्माण क्षेत्र में नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। सड़क पर बने गड्ढों और उखड़े हिस्सों के कारण आवागमन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

स्थानीय बाजार भी सड़क की स्थिति से प्रभावित होने की आशंका जता रहा है। दीपावली और छठ के दौरान ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए गढ़वा बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में लगातार जाम और बाधित आवागमन ग्राहकों की पहुंच तथा दुकानों में होने वाले कारोबार पर असर डाल सकता है।

शंखा से खजुरी तक 21.620 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण पर 187.25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना को 12 जुलाई 2024 को 194.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण की जिम्मेदारी शिलालय कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है।

कार्य का आवंटन 17 अक्टूबर 2024 को हुआ था और इसे पूरा करने के लिए 730 दिनों की अवधि निर्धारित की गई थी। इस हिसाब से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्माण पूरा होना था। नवंबर शुरू होने के बाद भी शहर के मुख्य मार्ग पर काम अधूरा है और निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद लोगों को यातायात, जलापूर्ति और धूल से राहत नहीं मिली है।