पूर्वी सिंहभूम के गालूडीह स्थित दारीसाई सबर बस्ती में रविवार रात पहली बार सामूहिक रूप से मनसा पूजा का आयोजन किया गया। बड़ाकुर्शी पंचायत की इस बस्ती में हुए आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह रहा। परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया।
पूजा की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गई थीं। बस्ती के लोग आयोजन स्थल की व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों में जुटे रहे। बाद में श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ पायरागुड़ी तालाब पहुंचे और वहां से पूजा के लिए कलश लेकर आए।
कलश यात्रा में महिलाओं और पुरुषों ने भागीदारी की। तालाब से लौटने के बाद पूजा स्थल पर विधि-विधान से कलश स्थापित किया गया। इसके बाद मां मनसा की पूजा कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई। आयोजन के दौरान पूरी बस्ती में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
इस पूजा की खास बात बस्ती के अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की सामूहिक भागीदारी रही। बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने भी तैयारियों तथा धार्मिक कार्यक्रम में उत्साह से हिस्सा लिया। पहली बार हुए इस आयोजन ने ग्रामीणों को एक मंच पर जुटने का अवसर दिया।
समाजसेवी मंगल कर्मकार के अनुसार, सबर समुदाय के लोग धीरे-धीरे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे सामूहिक कार्यक्रम बस्ती में आपसी सहयोग और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने इस आयोजन को समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक भागीदारी की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
मनसा पूजा संपन्न होने के बाद बस्ती के लोगों ने खुशी जताई। ग्रामीणों ने आने वाले समय में भी इसी तरह सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम मिलकर आयोजित करने की बात कही। स्थानीय स्तर पर शुरू हुई यह पहल दारीसाई के परिवारों के लिए पूजा के साथ सामुदायिक सहभागिता का भी अवसर बनी।